7th Pay Commission – NFIR Ultimatum to Jaitely – If grievance not met – Trains will be off the track from 11 July

7th Pay Commission – NFIR Ultimatum to Jaitely – Railways minister Suresh Prabhu has requested Union finance minister Arun Jaitley for a financial assistance of about Rs 32,000 crore to absorb impact of 7th Pay Commission recommendations.

7th Pay Commissionकेंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु के सुझावों पर गौर कर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रेल कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया तो देशभर में 11 जुलाई को रेलों के चक्के थम जाएंगे।

यह बात सोमवार को नागदा आए वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री एवं एनएफआईआर (नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन्स) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जे.जी. माहुरकर ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में कही। चर्चा में सख्त लहजे में माहुरकर ने कहा कि रेलवे के अफसर नेताओं के चम्मच है। कारण अफसरों के घर काम रहे 1 लाख रेलवे कर्मचारी हैं, जो काम अफसरों के यहां करते हैं, लेकिन इन्हें वेतन रेलवे देता है। रेलवे घाटे में है। सरकार नहीं। इसके पीछे कारण 25 हजार करोड़ रुपए के रियायती पास है। जिनका लाभ नेता से लेकर अफसरों के परिवारों को ही मिलता है। कायदे से सरकार को रीइंबर्समेंट के माध्यम से रेलवे को यह रुपया लौटाना चाहिए।

माहुरकर ने यहां कर्मचारियों के सम्मेलन को भी संबोधित किया। इस दौरान पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर, इंटक नेता विजयसिंह रघुवंशी, वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के जोनल प्रेसीडेंट शरीफ खान पठान, रतलाम मंडल मंत्री बी.के. गर्ग, मंडल अध्यक्ष जसविंदर सिंह, आर.के.बी. राठौड़ आदि उपस्थित रहे। संगठन हित में राठौड़ के योगदान पर अतिथियों ने उनका सम्मान भी किया। संचालन शाखा सचिव एम.आर. मंसूरी ने किया। आभार शाखा अध्यक्ष रशपालसिंह ने माना।

डेढ़ लाख से अधिक पद है खाली- माहुरकर ने बताया- रेलवे में सुरक्षा से जुड़े डेढ़ लाख पद रिक्त है। कर्मचारियों पर 24 घंटे काम का दबाव है। बावजूद उनसे अपेक्षा की जाती है, वे बेहतर करें तो वेतन भी उन्हें इसी अनुपात में मिलना चाहिए। माहुरकर ने कर्मचारियों की मांगों पर रोशनी डालते हुए बताया कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का गंभीरतापूर्वक समाधान करने के पक्ष में है, लेकिन वित्त मंत्री जेटली का रवैया सकारात्मक न होने से अनिर्णय की स्थिति निर्मित हुई है। मजबूरन संगठन को आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ना पड़ा है।

सम्मेलन में माहुरकर ने बताया कि 7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए सुझाया है। जबकि जेसीएम की स्टाफ साइट की मीटिंग में वेतन 26 हजार रुपए किये जाने की मांग की गई थी। छठे वेतन आयोग में 54 प्रतिशत वेतन लाभ 1 जनवरी 2006 से दिया गया था। लेकिन 7वें वेतन आयोग में इसे कम कर 14.3 प्रतिशत बढ़ाने का ही सुझाव दिया गया है। जो केंद्रीय कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों के विभिन्न भत्तों जो काम के मान से तय थे। उन्हें निरस्त करने की अनुशंसा की गई है। मकान किराया भत्ता 30 प्रतिशत, 20 प्रतिशत एवं 10 प्रतिशत से कम कर 24 प्रतिशत, 16 प्रतिशत एवं 8 प्रतिशत एक्स, वाई, जेड शहरों के लिए सुझाया है, जो कर्मचारी विरोधी है।

माहुरकर ने सरकार द्वारा रेल कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2014 से लागू की गई न्यू पेंशन स्कीम को खत्म करने की मांग किए जाने संबंधी मुद्दे पर कहा कि इस मांग को नहीं मानना भी विरोध का कारण बनता जा रहा है। नेशनल ज्वाइंट एक्शन कमेटी के निर्देश पर कर्मचारियों द्वारा स्ट्राइक बैलेट के तहत अनिश्चितकालीन हड़ताल के पक्ष में मतदान भी किया गया था। 11 मार्च 2016 को मुंबई स्थित जीएम कार्यालय के समक्ष एक मीटिंग में यह निर्णय हुआ है कि 9 जून 2016 को महाप्रबंधक पश्चिम रेलवे को हड़ताल का नोटिस देने के बाद आगामी 11 जुलाई को सुबह 6 बजे से देशभर के रेल कर्मचारी हड़ताल पर उतर जाएंगे।

Translation in English

Railways minister Suresh Prabhu has requested Union finance minister Arun Jaitley for a financial assistance of about Rs 32,000 crore to absorb impact of 7th Pay Commission recommendations.

“I would therefore earnestly request you to help the ministry of Railways and hand-hold it for implementation of 7th CPC recommendations,” Prabhu said in a letter addressed recently to Jaitley. “This may be done either through compensation of loss for coaching services (Rs 31,727 crore in 2013-14) or directly by virtue of a revenue grant matching the amount of the 7th CPC’s liability placed upon the Railways for the next three to four years.”

Western railways employees union General Secretary Mr. Mahurkar said in a press conference in Nagad, if the recommendations of the railway minister Mr. Prabhu are not met or not accepted, the rails will come to a crashing halt on July 11.

He added that about 1.5 lakhs of RPF jobs are vacant.

He further reiterated, the security forces of railways work 24 hours, they should be paid accordingly, based on their commitment, which is not happening, he said.

Railway Minister Mr. Prabhu has conveyed the grievances of railway staff to the finance minister Mr. Jitley, however it looks like he is in no mood to listen the plight of the railway staffs. so the employees are forced to take further devastative action, he added.

In the 6th CPC the increase in the wages was 54% but the 7th pay commission has recommended only 14.3% increase. Its a crime against employees, he added.

Mahurkar also objected to the implementation of new pension scheme for the employees from April 1 2014.

He added, on 9th June we will issue a notice for strike, if our demands are not met, from 11th July the railway employees will go on indefinite strike.

Source: Dainik Bhaskar

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