आग बरसाने को है आसमान, कई राज्‍यों में अगले तीन दिन के लिए रेड अलर्ट जारी

उत्तर भारत के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार होने के साथ ही भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में अगले दो से तीन दिन के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू और गर्मी के थपेड़ों के चलते ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

आग बरसाने को है आसमान, कई राज्‍यों में अगले तीन दिन के लिए रेड अलर्ट जारी

पहली बार मौसम विभाग ने दो दिन के लिए रेड अलर्ट जारी किया 

भारतीय मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने रविवार को आगाह करते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान अगले 2-3 दिनों में देश के कुछ हिस्सों में 47 डिग्री से ऊपर जा सकता है। गर्मी के मौसम में ऐसा पहली बार हुआ है कि इस समय में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। हालांकि इस साल इस मौसम में तापमान उत्तर और मध्य भारत में ऐसे नहीं बढ़ा, जैसे हमेशा बढ़ता है। खासकर अप्रैल और मई के मध्य में हुई बारिश से तापमान कम ही रहा। लेकिन एकाएक शनिवार को राजस्थान के पिलानी में तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कुछ इलाकों में बेहद गर्म हवाएं चलेंगी 

स्काईमेट वेदर के महेश पलावत के अनुसार दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश की प्री-मानसून गतिविधियों और आंधी के कारण थोड़ी राहत रहेगी। इसके अलावा, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ इलाकों में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और उत्तरी कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्रों में भी अगले 3-4 दिन आग बरसाती गर्मी पड़ेगी। प्रचंड गर्मी तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस हो और सामान्य तापमान में बढ़ोतरी 4.5 डिग्री से लेकर 6.4 डिग्री सेल्सियस तक हो।

दोपहर एक बजे से पांच बजे तक घर के बाहर नहीं निकलें   

मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी की घोषणा तब की जाती है, जब अधिकतम वास्तविक तापमान 45 डिग्री हो और लू के थपेड़ों से यह बढ़कर 47 डिग्री सेल्सियस या उससे भी अधिक हो जाए। ऐसी सूरत में भारतीय मौसम विभाग रंग आधारित मौसम संबंधी चेतावनी जारी करता है। यह नीचे से ऊपर के क्रम में हरी, पीली, नारंगी और लाल होती है। श्रीवास्तव ने बताया कि रेड अलर्ट इसलिए जारी किया जाता है ताकि सेहत के लिए नुकसानदेह मौसम में लोग दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। चूंकि इसी समय में गर्मी अपना सबसे प्रचंड रूप धारण करती है। भारतीय मौसम विभाग में एनडब्लूएफसी के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि शुष्क उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के चलते छत्तीसगढ़ से तमिलनाडु के बीच हालात तीव्र गर्मी से प्रचंड गर्मी के हो गए हैं।

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