CTET / TET – Teacher Eligibility Test Paper I – Class I to V – Hindi – ( 22nd January 2017 )

CTET / TET – Teacher Eligibility Test Paper I – Class I to V – Hindi – ( 22nd January 2017 )

(UTET – Uttrakhand Teacher’s Eligibility Test  22nd January 2017 question paper )
No of questions – 6
Marks : (6×1=6)
Time : 6 mins
There is no negative marking

भाग III  -भाषा II [हिंदी]

निर्देश (प्र.सं. 61 -66 ) नीचे दिए गध्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नो के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प चुनिए|

संस्कृति और सभ्यता – ये दो शब्द है और उनके अर्थ भी अलग-अलग है| सभ्यता मनुष्य का गुण है जिससे वह अपनी बाहरी तरक्की करता है| संस्कृति वह गुण है जिससे वह अपनी भीतरी  उन्नति  करता  है, करुणा, प्रेम और परोपकार सीखता है| आज सेलगाडी मोटर और हवाई जहाज, लम्बी-चौड़ी सड़क और बड़े-बड़े मकान, अच्छा भोजन और पोशाक, ये सभ्यता की पहचान है और जिस देश में इनकी जितनी ही अधिकता है उस देश को हम उतना ही सभ्य मानते हैं| मगर संस्कृति उन सबसे कहीं बारीक  चीज है|

वह मोटर नहीं, मोटर बनाने की कला है, मकान नहीं, मकान बनाने की रुचि है| संस्कृति धन नहीं, गुण है| संस्कृति ठाउ-बाट नहीं , विनय और विनम्रता है| यह कहावत है के सभ्यता वह चीज है जो हमारे पास  है, लेकिन संस्कृति वह जो हम्मे छिपा हुआ है| हमारे पास घर होता है, कपडे-लतें  होतें   है , मगर ये सारी चीजे हमारी सभ्यता के सबूत है, जबकि संस्कृति  इतने मोटे तौर पर दिखलाई नहीं देती, वह बहुत ही सूक्ष्म और महान चीज है और वह हमारी हर पसंद , हर आदत में छिपी रहती है| मकान बनाना सभ्यता का काम है, लेकिन हम मकान का कौन-सा नक्शा पसंद करते हैं- यह हमारी संस्कृति बतलाती है | आदमी के भीतर काम, क्रोध , लोभ , मद, मोह और मत्सर ये छ: विकार प्रकृति के दिए हुए है | मगर विकार अगर बेरोक छोड़ दिए जाए, तो आदमी इतना  गिर  जाए की उसमे  और जानवर  में कोई  भेद  न  रह  जाए  इसलिए  आदमी इन  विकारों  पर रोक  लगाती  है | इन  दुर्गुणों  पर जो आदमी जितना   ज्यादा काबू कर पाता है, उसकी संस्कृति भी उतनी ही ऊँची समझी जाती है| संस्कृति का स्वाभाव है किवह आदान-प्रदान से बढ़ती है | जब दो देशों या जातियों के लोग आपस में मिलते है तब उन दोनों की संस्कृतियां एक-दुसरे  को प्रभावित  करती है, इसलिए संस्कृति की दृष्टि से वह जाति या वह देश बहुत ही धनी समझा  जाता  है  जिससे ज्यादा -से ज्यादा देशों या जातियों की संस्कृतियोन से लाभ उठाकर अपनी संस्कृति का विकास किया हो|

CTET / TET – Teacher Eligibility Test Paper I – Class I to V – Hindi – ( 22nd January 2017 )

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