CTET / TET – Teacher Eligibility Test Paper I – Class I to V – Hindi – (15th October 2017 )  

CTET / TET – Teacher Eligibility Test Paper I – Class I to V – Hindi – (15th October 2017 )

(UPTET – Uttar Pradesh Teachers Eligibility Test 15th October 2017 question paper )
No of questions – 5
Marks : (5×1=5)
Time : 5 mins
There is no negative marking

निर्देश (प्र.सं. 56 -60) दिए जाये गध्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प छाँटिए।

आदिम  आर्य  घुमक्कड़ ही थे| यहाँ से वहां वे घूमते ही रहने थे| घूमते- भटकते ही वे भारत पहुँचे थे| यदि घुमक्कड़ी का बाना उन्होंने न धारण किया होता, यदि वे एक स्थान पर ही रहते, तो आज भारत में उनके वंशंज न होते| भगवान् बुद्ध घुमक्कड़ तथा भगवन महावीर घुमक्कड़ थे|  वर्षा-ऋतु के कुछ महीनों को छोड़कर एक स्थान में रहना बुद्ध के वश का नहीं था| 35  वर्ष से 80 वर्ष की आयु तक जब उनकी मृत्यु हुई, 45 वर्षों तक वे निरन्तर घुमते ही रहे| अपने आपको समाज सेवा और धर्म प्रचार में लगाए रहे| अपने शिष्यों से उन्होंने कहा था ‘चरथ भिवखवे चारिक’ हे भिक्षुओं! घुमक्कड़ी करों| यध्यपि बुद्ध कभी भारत के बाहर नहीं गए, किन्तु उनके शिष्यों ने उनके वचनों को सिर आँखों पर लिया और पूर्व में जापान, उतर में मंगोलिया, पश्चिम में मकदूनिया और दक्षिण में बाली द्धीप तक धावा  मारा| श्रावण महावीर ने स्वच्छन्द विचरण के लिए अपने वस्त्रों तक को दान दिया| दिशाओं को उन्होंने अपना अम्बर बना लिया, वैशाली में जन्म लिया, पावा में शरीर त्याग किया|  जीवनपर्यन्त घुमते रहे| मानव के कल्याण के लिए मानवों के राह प्रदशन के लिए और शंकराचार्य बारह वर्ष की अवस्था में संन्यास लेकर कभी केरल, कभी मिथिला, कभी कश्मीर और कभी बद्रिकाश्रम में घुमते रहे| कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक समस्य भारत को अपना कर्मक्षेत्र समझा| सांस्कृतिक  एकता के लिए, समन्वय के लिए, श्रुति धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य के प्रयत्नों से ही वैदिक धर्म उत्थान हो सका|

CTET / TET – Teacher Eligibility Test Paper I – Class I to V – Hindi – (15th October 2017 )  

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