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7th Pay Commission – House Rent Allowance may Increase – New Formulation Seems to be on the Pipeline

7th Pay Commission – House Rent Allowance may Increase – New Formulation Seems to be on the Pipeline.

7th pay commission allowances committee meeting - brief of meetingसातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की अधिकतर सिफारिशें केंद्र सरकार ने लागू कर दी हैं और सरकारी कर्मचारियों के संगठनों ने कई मुद्दों पर अपनी-अपनी आपत्तियां उठाईं। इसके बाद सरकार ने कर्मचारियों की मांग को सुनने और समाधान के लिए समितियों का गठन कर दिया। इन मांगों में एक मांग हाउस रेंट अलाउंस को लेकर भी उठाई गई।

हाउस रेंट अलाउंस का मुद्दा सरकारी कर्मचारियों के संयुक्त संगठन और सरकार द्वारा गठित अलाउंस समिति के बीच उठाया गया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार और कर्मचारी संगठन ने इस विषय में एक फॉर्मूला तय कर लिया है। हालांकि अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है,

लेकिन सूत्रों का कहना है कि अभी अन्य कई अलाउंस पर बातचीत जारी है इसलिए अभी इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। कहा जा रहा है कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए अधिकृत अधिकारी एचआरए को 1 स्तर ऊपर करने को तैयार हुए हैं अब एचआरए 30%, 20% और 10% तक हो सकता है।

वहीं सूत्रों के मुताबिक बड़े शहरों में इसे 30 प्रतिशत किया जा सकता है, लेकिन यह अभी तय नहीं है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि अगर सरकार ने एचआरए बढ़ाया नहीं है तो घटा कैसे सकते हैं। उनका तर्क है कि क्या शहरों में मकान का किराया कम हुआ है। क्या मकान सस्ते हो गए हैं। जब यह नहीं हुआ है तो सरकार अपने कर्मचारियों के साथ अन्याय कैसे कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार तक कर्मचारियों की मांग पहुंचा दी गई है और अब सरकार के भीतर इस मसले पर बातचीत होगी।

बता दें कि वेतन आयोग  (7th Pay Commission) ने अपनी रिपोर्ट में एचआरए को 24%, 16% और 8% तय किया था और कहा गया था कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो यह 27%, 18% और 9% क्रमश हो जाएगा। इतना ही नहीं वेतन आयोग ने यह भी कहा था कि जब डीए 100% हो जाएगा तब यह दर 30%, 20% और 10% क्रमश एक्स, वाई और जेड शहरों के लिए हो जाएगी।

कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनसीजेसीएम ने वेतन आयोग को सौंपे अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन में इस दर को 60%, 40% और 20% करने के लिए कहा था। संगठन का आरोप है कि आयोग ने कर्मचारियों की मांग को पूरी तरह से ठुकरा दिया। उनका कहना है कि वेतन आयोग ने इस रेट को छठे वेतन आयोग से भी कम कर दिया है। इनका कहना है कि क्योंकि इसे डीए के साथ जोड़ा गया है तो यह तभी बढ़ेगा जब डीए की दर तय प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार से बातचीत में यह भी तय होने की संभावना है कि एचआरए की दर शहरों की कैटेगरी के अनुसार से दूसरे तय प्रतिशतों के स्तर के हिसाब से लागू हो जाए। आपको बता दें कि सोमवार को इस विषय पर सरकारी पक्ष और कर्मचारी पक्ष के बीच में बातचीत हुई है।

आपको बता दें कि अब तक 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी के बाद उठे सवालों के समाधान के लिए सरकार की ओर से तीन समितियों का गठन किया गया है। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में अलाउंस को लेकर हुए विवाद से जुड़ी एक समिति, दूसरी समिति पेंशन को लेकर और तीसरी समिति वेतनमान में कथित विसंगतियों को लेकर बनाई गई है।

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